भारत ने कई क्रिकेटर्स को जनम दिया, और सभी ने अपने देश का नाम रोशन भी किया. क्रिकेट को जन्तेल्मन ग़मे कहा जाता है, हालांकि, क्रिकेट में भी ड्रामा और झगड़े भी देखने को मिलजाते हैं.

आइए देखते हैं, 5 ऐसी घहटनाएँ जब मैदान पर भारतीय खिलाडियों के बीच देखने को मिली फाइट

रैना और जडेजा

रैना और जडेजा दोनो ही बेहतरीन फ़ील्डर्स हैं और मोज़दा भारतीय टीम का अभिनअंग हैं.

यह घटना है 2013 की जब वेस्टिनडीस केख़िलाफ़ एक दिवसीय मुक़ाबले में दोनो खिलाड़ी आपस में भिड़ गए.

जब रैना ने दो बार जडेजा की गेंद पर कैच छोड़ो तो दोनो खिलाड़ी के बीच बहस होने लगी.

कपिल देव-सुनील गावस्कर

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह लड़ाई काफ़ी देर तक सूर्खियों में रही. 

यह घटना दिल्ली की फेरोज शाह कोटला मैदान की जब भारत इंग्लंड के विरुद्ध मैच खेल रहा था. मैच के दौरान सुनील गावस्कर कपिल देव के शॉट से बेहद निराश थे. इस गैरजिम्मेदाराना शॉट के कारण भारत को हार का सामना करना पड़ा था.

हरभजन-रायडू

यह घटना है आईपीएल 2016 की जब हरभजन और रायदु के बीच गरमागर्मी होगायी थी. जब सुपरजायंट्स की पारी के 11वें ओवर में बल्लेबाज़ सौरभ तिवारी ने हरभजन सिंह की गेंद पर एक तेज शॉट खेला, बाउंड्री पर अंबाती रायडू के डाइव लगाने के बावजूद गेंद बाउंड्री के बाहर चली गई.

इसके बाद गेंदबाज़ हरभजन रायडू की कोशिश से नाखुश दिखाई दिए और रायडू को अपशब्द कहने लगे. हरभजन द्वारा अपशब्दो के प्रयोग के बाद रायडू भड़क गए. जिसके बाद दोनों खिलाडियों के बीच मैदान पर बहस हो गई. दरअसल इस घटना के दौरान रायडू की गलती नहीं थी, इसलिए हरभजन सिंह को ही पीछे हटना पड़ा, जिसके कारण मामला शांत हो पाया.

श्रीसंत-हरभजन

यह घटना आईपीएल के पहले सीजन की हैं. जब किंग्स XI पंजाब और मुंबई इंडियंस मैच के ख़त्म होने के बाद श्रीसंत अपने गाल को पकड़ते हुए मैदान पर रोते हुए दिखाई दिए. 

बाद में पता चला कि हरभजन सिंह ने श्रीसंत को थप्पड़ मारा था, और यही कारण था कि श्रीसंत मैदान पर रो रहे थे. इस घटना के बाद हरभजन सिंह को आईपीएल 2008 से सस्पैंड कर दिया गया था.

सिद्दू-अज़हरुद्दीन

सिद्धू अपने दौरे के बहुत आक्रमक खिलाड़ी माने जाते है, दरअसल सिद्धू एक बार कप्तान अजहरुद्दीन की हरकतों से परेशान होकर इंग्लैंड दौरा बीच में छोड़ आये थे.

इस घटना के कुछ दीनो बाद सिद्धू ने बताया, कि अज़हर हर बात पर उन्हें अपशब्दों का प्रयोग करके उनका नाम लेते थे.