क्रिकेट को हमेशा से ही जेंटल्मेन ग़मे कहा गया है लेकिन आजकल देश प्रेम और प्रतिस्पर्धा के कारण खिलाड़ी उग्रह हो जाते हैं और स्लेजिंग का सेहेरा लेते हैं ताकि वह विरोधी टीम का हरा सकें|
आज के क्रिकेट युग में स्लेजिंग अवषयक् भी है| स्लेजिंग आज क्रिकेट ग़मे का एक अभिन आंग बन चुका है और इसकी ज़रूरत वक़्त आने पर सभी खिलाड़ी करते हैं| जब विरोधी टीम ने स्लेजिंग के जरिए टीम इंडिया को परेशान करने की कोशिश की टॅब भरतीय खिलाड़ियों ने अपने आनडज़ में दिया स्लेजिंग को मूहतोड़ जवाब|

आइये दखेते हैं किस प्रकार भरतीय खिलाड़ियों ने स्लेजिंग को दिया मूह तोड़ जवाब|

वीरेंद्र सहवाग बनाम  शोएब अखतर :

शोएब अख्तर हमेशा विवादों से जुड़े रहे हैं|  विवादों का और शोऐब अख़्तर का गहरा नाता है| 2004 टेस्ट में जब सहवाग ने मुल्तान में 309 की आतिशिय पारी खेली और पाकिस्तान की बेहतरीन गेंदबाजी को हिला कर रख दिया तब पाकिस्तानी तेज गेंदबाज़ शोएब अख्तर ने शार्ट गेंद डालकर सहवाग को उकसाने के कोशिश की तब सहवाग ने वहाँ खड़े फ़ील्डर से कहा, “कि क्या अख्तर मुझे पीटने(रन बनाने) की भीख मांग रहा है?”

सौरव गांगुली बनाम स्टुअर्ट ब्रॉड :

यह घटना है 2007 ओवल ग्राउंड की जब  इंग्लैण्ड ने पहले बैटिंग करते हुए 316 रन बनाये और डिया को 317 के लक्श्य को हासिल करना था. सचिन और गांगुली की ऐतिहासिक ओपेनिंग जोड़ी तेजी से रन बना रही थी. स्टुअर्ट ब्रॉड इनिंग्स का नौवां ओवर फेंक रहे थे. आखिरी गेंद पे सौरव गांगुली ने आगे बढ़ के मारना चाहा लेकिन पर्याप्त रूम न होने की वजह से वो ऐसा कर नहीं पाए और एक भी रन नहीं मिला. तभी स्टुअर्ट ब्रॉड ने चलते हुए गांगुली को कुछ भला-बुरा कहा. बस. इतना काफी था गांगुली को भड़काने के लिए. उन्होंने दम भर ब्रॉड को खरी-खोटी सुनाई. तभी कमेंट्री बॉक्स में बैठे हर्षा भोगले और सुनील गावस्कर भी मज़े लेने लगे. सुनील गावस्कर ने कहा कि “सौरव क्या कह रहे हैं ये सुनाई तो नहीं दे रहा है लेकिन वो स्टुअर्ट को शायद ये बता रहे हैं कि जब मैंने पहला मैच खेला था तब तुम नैपी पहन कर घूमा करते थे.”

शोएब अख्तर बनाम हरभजन सिंह:

ये बात हैं 2010 में एशिया कप की जब  हरभजन सिंह औऱ शोएब अख्तर के बीच हुए स्लेजिंग हुई थी. पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 267 रन का स्कोर भारतीय टींम के लिए खड़ा कर दिया था।
मैच काफ़ी रोमांचक हो गया था और अब आखिरी ओवर में जीत के लिए 7 रनों की जरूरत थी औऱ 3 विकेट रहते गंभीर औऱ हरभजन क्रीज पर डटे हुए थे। शोएब अख्तर जो कि अक्सर अपना आपा खोने के लिए जाने जाते हैं इस मैच में भी ऐसा ही करते दिखे दूसरा आखिरी ओवर डालने के बाद शोएब अपना आपा खो बैठे औऱ हरभजन पर टिप्पणी करने लगे। लेकिन हरभजन ने भी इस स्लेजिंग का जवाब शानदार मोहम्मद आमिर की गेंद पर जोरदार छक्के से दिया।

युवराज सिंह बनाम एंड्रू फ़्लिंटॉफ़:

यह क़िस्सा है 2007 टी-20 विश्व कप का जब टीम इंडिया का अग्रेशन उफान पर था. भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज़ युवराज सिंह के 6 छक्कों को शायद ही कोई भारतीय खेल प्रेमी कभी भूल सके ।जब भी बात युवराज की होती हैं तो सबसे पहले जहन में युवराज का ये शानदार प्रर्दशन ही आता हैं। लेकिन दिलचस्प बात तो ये है कि ये धुआंधार 6 छ्क्के भी स्लेजिंग का ही नतीजा थे।
जब युवराज सिंह ने फ्लिंटॉफ के 17वें ओवर में दो चौके लगाए थे इसलिए वो युवी से बेहस ने लगे. फ्लिंटॉफ ने उनके शॉट्स को बेहूदा बताया था। इस पर युवराज को गुस्सा आ गया और उन्होंने भी फ्लिंटॉफ को बेहूदा कह दिया। यह सुनकर एंड्रयू ने युवी का गला काटने की बात कही। इसके बाद युवी ने कहा कि यह जो बेट मेरे हाथ में है, इसे देख रहे हो, तुम जानते हो मैं तुम्हें इसी बल्ले से मारूंगा। और इसके बाद युवराज ने ओवर की हर बॉल पर छक्का जड़ कर इस स्लेजिंग का अच्छे से हिसाब चुकता किया और दुनिया में ऐसा कर पाने वाले 4 बल्लेबाजों में से एक बन कर इतिहास रच दिया।

श्रीसंथ बनाम आंद्रे नील:

यह किस्सा है साल 2006 का जब भारतीय टीम साउथ अफ्रीका का दौरा कर रही थी. यह दौरा कठिन दौरों में से एक था. ये पहला टेस्ट मैच था। टीम इंडिया अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत पहली इनिंग में 165 रनों की बढ़त ले चुकी थी और इसके बाद श्रीसंथ के 5 विकेट की मदद से साउथ अफ्रीका की पारी सिर्फ 84 रन के स्कोर पर समेट दी ।खैर असल मायने में रोमांचक तो इसके बाद शुरू हुई दूसरी पारी रही जिसने सबका ध्यान खींच लिया।
श्रीसंथ जब बैटिंग करने उतरे तो टीम 9 विकेट के नुकसान पर 219 रन के साथ मशक्कत कर रही थी श्रीसंत को अफ्रीकन तेज गेंदबाज़ आंद्रे नेल के बीच एक यादगार स्लेजिंग घटना देखने को मिली. नेल ने गेंदबाजी के दौरान भारतीय निचलेक्रम के बल्लेबाज़ श्रीसंत को काफ़ी उकसाया.
जिसके बाद एस. श्रीसंत ने तेज गेंदबाज़ आंद्रे नेल की गेंद पर आगे बढ़कर उनके सर के उपर से एक शानदार छक्का जड़ दिया. जिसके बाद श्रीसंत नेल को चिडाने के लिए हवा में बैट को घुमाते हुए नाचने लगे. मैदान पर श्रीसंत के डांस देखकर कोई भी अपनी हंसी नहीं रोक पाया था.